पुष्प वाटिका
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मंगलवार, अक्टूबर 12, 2010
बुधवार, अक्टूबर 06, 2010
होशंगाबाद की रामलीला:-1
गणेश वन्दना
शुक्रवार, सितंबर 24, 2010
विचार :-''नहीं अलहदा ''
कल मेरे मित्र हृदयेश ने रात में फोन लगाकर कहा कि मैं छत पर जाकर प्रकृति का अद्भुत नज़ारा देखूं । कल गुरू और चंद्रमा बहुत पास-पास थ...
मंगलवार, मई 25, 2010
(गीत)कभी सुना है गीत
Share कभी सुना है गीत श्रमिक का जो वो रातों में गाता है सूरज संग जल-जल जो पाया गाकर उसे भुलाता है कभी सुना है गीत पथिक का राह में जो दोह...
बुधवार, मई 19, 2010
ग़ज़ल- परिंदों लौट आना
Share परिंदों शाम को लौट आना घर ज़रा ज़ल्दी हम दीवारें इस ख़ामोशी से ऊब जातीं हैं उतने ही दानें चुनो जितनी ज़रूरत है हमें यहां कितनी च...
बुधवार, अप्रैल 21, 2010
छायाचित्र-1
बू ढी डायरी, व्यास गादी, को अहम् नामक तीन उपन्यास लिखने बाद अभी मध्य प्रदेश सिंधी अकादमी के लिए सिंधी कविताओं पर काम करने वाले अशो...
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