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रविवार, अप्रैल 15, 2012
नसीब बदल नहीं पायेगी

नसीब बदल नहीं पायेगी

5:26:00 pm

कुछ दिनों पहले तक  जो धूप खेलती थी  सर्दियों के आँगन में  फिर जिसका  रूमानी  रिश्ता था  बसंत के साथ   वही धूप आ बैठी  ग...

शनिवार, अप्रैल 07, 2012
कविता-दुआ सलाम रहे

कविता-दुआ सलाम रहे

6:51:00 am

जिस छाँव में रुकने का मन हो  उस छाँव से दुआ सलाम रहे  जो गाँव लगे अपना अपना  उस गाँव से दुआ सलाम रहे  जिन बातों में हो शहद ज़...

मंगलवार, अप्रैल 03, 2012
कविता-खबरें देखते वक़्त

कविता-खबरें देखते वक़्त

6:58:00 am

खबरें देखते वक़्त खबरिया चैनल पर बेसब्री से करता हूँ इंतज़ार - ब्रेक का आवाज़ में भरकर न जाने कितनी मिठास सारा का सारा बाज़ा...

गुरुवार, मार्च 29, 2012
कविता:-आज रात

कविता:-आज रात

12:32:00 pm

आज रात जब मौसम बसंत छोड़ चुका नींद बहुत देर से ही आएगी आज रात जब ख्वाबों का कोई वजूद नहीं नींद बेवजह ही तो सुलायेगी     आज...

शुक्रवार, नवंबर 11, 2011
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कविता:'दहलीज़'

4:02:00 pm

मेरे घर की उस दहलीज़ पर तुम जहाँ खड़े होकर बुलाते थे मुझे वहां अब तुम न आते न बुलाते हो मुझे पर अब भी तुम्हारी आवाज़ रक्खी है उसी दहलीज़ पर...

सोमवार, अक्टूबर 03, 2011
धक्-धक्

धक्-धक्

5:21:00 pm

जिस दिन   धूप में तपिश न हो  धूप जैसी  सूरज दिन काट रहा हो  अनमना होकर  बादलों के आवारा छोकरे  आवारगी से थक कर सोच रहे ह...

रविवार, सितंबर 18, 2011
अमृत

अमृत

3:46:00 pm

कुछ लम्हों को रुखसत नहीं किया बस रख लिया अपने पास उनको फिर पीता रहा घूँट घूँट जिनको अमृत की तरह अमृत की तरह  लेकिन न जाने क्य...

शनिवार, जून 18, 2011
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कविता;'मैं नग्न हूँ'

12:38:00 pm

मैं नग्न हूँ मैं नग्न हूँ मुझे नहीं मिल रहा आसमान  निर्वस्त्र भयभीत लज्जित प्रतीक्षारत कि मिलेगा  जब ओढ़कर उसे  स्वयं क...

रविवार, जून 12, 2011
कविता :-कितना अँधेरा है

कविता :-कितना अँधेरा है

8:17:00 am

मैं जानता  हूँ मुझे देखकर लोग मुस्कराते हैं  तुम्हें देखकर भी लोग मुस्कराते होंगे  पर कितना अँधेरा है  इन मुस्कराहटों के ...

शनिवार, फ़रवरी 26, 2011
कविता:-पत्थर

कविता:-पत्थर

कुछ कहा जाए  उन पत्थरों के लिए  जो देवालयों में  बन गए ईश्वर  या हो गए पहाड़  पहाड़ों पर पड़े पड़े जो सदियों से...

रविवार, फ़रवरी 20, 2011
कविता:-'मेरे हाथ में ............'

कविता:-'मेरे हाथ में ............'

जिस वक्त  हाथ तुम्हारा था  मेरे हाथ में  और मैं जानता था  कि आने वाले  किसी भी लम्हें में तुम पूरी नज़र से  देखकर मेरी ओर  ...

गुरुवार, दिसंबर 02, 2010
कविता:-''यादों का उजाला ''

कविता:-''यादों का उजाला ''

यादों का उजाला  रहता हैं  मेरे घर के रोशनदान में  उसे छूकर रोशनी  पहुंचती है जब दिल में तब धड़कन लेकर  वो धूप  वो चांदनी ...

बुधवार, नवंबर 03, 2010
दीपावली: दीप-एकादश

दीपावली: दीप-एकादश

दीप खिलखिलाएंगे  शरारती बच्चों की तरह  इस बार भी दीवाली पर  जैसे बाग के आम-अमरूदों  पर फेंककर पत्थर हैं भागते  जैसे गेंद से तो...

सोमवार, नवंबर 01, 2010
दीपावली: दीप-नवम्

दीपावली: दीप-नवम्

   ध्वांत से न क्लांत हों  धारण करें शुभ पंथ का  ज्योतिर्मयी-ज्योतिर्मयी  वह चेतना ही लक्ष्य हो  अनंत वह प्रकाश हो  उर्ध्...

रविवार, अक्टूबर 31, 2010
दीपावली: दीप-अष्टम्

दीपावली: दीप-अष्टम्

मैं शब्द से होकर विलग  धारण कैसे कर सकता हूँ  मौन  वहां  जहां  मिट्टी भी  शीश पर धर  अग्नि-शिखा  करती है संघर्ष  अंध...

शुक्रवार, अक्टूबर 29, 2010
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दीपावली: दीप-षष्ठ

  चिराग़ मुत्मइन  चिराग़ जो होते  जलते हुए करते न सफ़र  अंधेरों की खि़लाफ़त में यूं  लड़ते रहते ना उम्र तलक आहन को पिघलाने वाले...

गुरुवार, अक्टूबर 28, 2010
दीपावली: दीप-पंचम

दीपावली: दीप-पंचम

ये दीप नहीं दीप हैं  हृदय का संगीत है रोशनी के राग में ढली हुई ये प्रीत है अग्नि शीश पर धरे  जी रहे वो कौन हैं  हैं रा...

बुधवार, अक्टूबर 27, 2010
दीपावली: दीप-चतुर्थ

दीपावली: दीप-चतुर्थ

     ओ सुशोभित दीप पावन  लज्जा तुम्हें आती नहीं  जहां रोशनी बहुत है  तुम भी वहां जाकर बसे  मिट्टी मिली थी जब तुम्हें  ली ...

मंगलवार, अक्टूबर 26, 2010
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दीपावली: दीप-तृतीय

तिमिर पथ पर हूँ प्रतीक्षित  तुम मुझे आलोक दे दो  दीपक तुम्हारी सम्पदा वह  रौशनी का लोक दे दो  रौशनी के बीज बोकर  पाऊं उजाले ल...

सोमवार, अक्टूबर 25, 2010
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दीपावली: दीप-द्वितीय

रौशन खुशियों का आलम हो घर मेरे घर तेरे भी आंगन के दीपक से हारें   नभ के गहरे अंधेरे भी इक आंगन के उजाले में कहां बात निराली होती है ज...

 
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