पद्म विभूषण बिरजू महाराज जी और खम्मा महुआ शंकर जी और नूपुर शंकर जी हमारे कला जगत की सुप्रसिद्ध युवा प्रतिनिधि हैं और पद्म विभूष...
पद्म विभूषण बिरजू महाराज जी और खम्मा महुआ शंकर जी और नूपुर शंकर जी हमारे कला जगत की सुप्रसिद्ध युवा प्रतिनिधि हैं और पद्म विभूष...
खम्मा पर डॉ आईदान सिंह भाटी जी के विचार डॉ आईदान सिंह भाटी हमारे देश के शीर्षस्थ साहित्यकारों में शुमार होते हैं। इस वर्ष उन्ह...
अशोक जमनानी स्वतंत्र लेखक, होशंगाबाद (मध्य प्रदेश) ईमेल: -mail@ashokjamnani.com वेब:- http://www.ashokjamnani.com/ ...
अपनी माटी की संगोष्ठी:रिपोर्ट समाधान सुजाता हुआ उपन्यास है खम्मा हाशिये के लोगों का दर्द समय रहते उकेरा जाना चाहिए ई-पत्रिकाओं न...
मैंने अपने उपन्यास व्यास-गादी के लेखन के दौरान कुछ समय ब्रज क्षेत्र में बिताया। कहानी का अधिकांश भाग ब्रज में ही घटित होता है इसलिए यह आवश...
Share बाबूजी के चले जाने के बाद हवेली का मौन सहन करना असम्भव हो गया था। हमारी हवेली में उदासी का साम्राज्य स्थापित हो गया और हमारे...
Share इस कहानी का बूढ़ा नायक दीवाली पर अपना पुराना बक्सा खोलता है और उसमें रखा पुराना सामान देखकर उसे अपने बीते वक्त की याद आ जाती है त...
Share यदि नर्मदा तट पर मुझे सदानंद नहीं मिलता तो संभवतः इस कथा का जन्म ही नहीं होता सदानंद ने ही मुझसे कहा था- ‘‘नर्मदा का नदी होना या ...
Share चिर सम्मोहिनी छवि: नर्मदा नर्मदा के प्रवाह का ग्राम्य अरण्य प्रेम सदा-सदा ही विश्रुत रहा है। लेकिन मैं तो नर्मदा से पहले-पहल अपने छो...
बू ढी डायरी, व्यास गादी, को अहम् नामक तीन उपन्यास लिखने बाद अभी मध्य प्रदेश सिंधी अकादमी के लिए सिंधी कविताओं पर काम करने वाले अशो...