सिंधी साहित्य अकादमी का कृति सम्मान सिन्धी साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश के द्वारा मेरे काव्य-संग्रह 'अमृत वेलो...
अपनी माटी संपादकीय : हर हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए
अपनी माटी संपादकीय हर हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए माखनलाल चतुर्वेदी जी की कृति 'साहित्य-देवता' के बारे म...
एक मुलाक़ात मुनव्वर राणा जी के साथ
.. .. एक मुलाक़ात मुनव्वर राणा जी के साथ इन दिनों मेरे शहर का आलम ज़रा शायराना है। दो दिन पहले निदा फ़ाज़ली साहब साथ थे तो कल का...
निदा फ़ाज़ली जी के साथ एक दिन
. निदा फ़ाज़ली जी के साथ एक दिन हिन्दुस्तानी ज़बान के मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली साहब माधव ज्योति अलंकरण समारोह में हिस्सा लेने होशं...
अपनी माटी सम्पादकीय : यहाँ अब मन्ना नहीं रहते
अपनी माटी सम्पादकीय : यहाँ अब मन्ना नहीं रहते जहाँ मैं रहता हूँ , मध्य प्रदेश के उस होशंगाबाद जिले ने हिंदी साहित्य को तीन बड़े स...
अपनी माटी - सम्पादकीय : हाशिये से बाहर होती संस्कृति
अपनी माटी - सम्पादकीय : हाशिये से बाहर होती संस्कृति चित्र-कुँअर रविन्द्र मुझसे कई बार प्रश्न पूछा गया है कि जब देश में अभी भ...
कलामंडलम रामन कुट्टी नायर
कलामंडलम रामन कुट्टी नायर पदम् भूषण से सम्मानित कथकली के महान गुरू कलामंडलम रामन कुट्टी नायर हमारे बीच अब नहीं हैं। कुछ वर्ष पूर्व इ...
बंदानवाज़ी और क़व्वाली
बंदानवाज़ी और क़व्वाली कल कुछ वक़्त हैदराबाद के मशहूर क़व्वाली फ़नकार ज़नाब अतीक़ हुसैन बंदानवाज़ी के साथ बिताने का मौका हासिल हुआ। उनके...
एक बात तो बताओ
एक बात तो बताओ एक बात तो बताओ तुम्हारे पास अंग्रेज़ों के दिए संस्कार हैं अंग्रेज़ों के ज़माने का कानून तुम्हारे पास है अनगिनत झूठे केस ...
उन सबने कहा
उन सबने कहा ' हमारी भी बेटियां हैं।' लेकिन मुल्क को याद हैं ' उनके दामाद ' - अशोक जमनानी
राजयोग
राजयोग मेरे मोहल्ले में एक शख्स है। वो बूढ़ा है। वफ़ादार है। बड़ी से बड़ी बात पर चुप्पी साध लेता है। कठपुतली की सी काबलियत है। पंडि...
आईदान सिंह भाटी जी को साहित्य अकादमी सम्मान
आईदान सिंह भाटी जी को साहित्य अकादमी सम्मान इस वर्ष के केन्द्रीय साहित्य अकादमी सम्मान के लिए जिन साहित्यकारों के नाम की घोषणा की...
वो
वो वो पूंजीवाद के विरोधी हैं। पूछा कि क्यों हो ? तो बोले कि अन्याय है बड़ा और बड़ा होता जाता है। छोटा और छोटा होता चला जाता है। वो बड़...
कलाकार और कहानी
कलाकार और कहानी कल एक ब्लॉग पर प्रसिद्ध कथाकार संजीव की कहानी ' मानपत्र ' प्रकाशित की गई। साथ में एक टिप्पणी भी थी कि यह ...
बंधन और मुक्ति
बंधन और मुक्ति बूढ़ी डायरी उपन्यास लिखने के दौरान बहुत सा वक़्त जबलपुर के आस-पास बिताया था। भेड़ाघाट के पास त्रिपुर सुन्दरी का एक बहुत ...
सुर-बहार और पुष्पराज कोष्ठी
सुर-बहार और पुष्पराज कोष्ठी प्रगति के इस दौर ने संस्कृति को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। देखते ही देखते न जाने कितने भारतीय वाद्य न जान...
ठंडे कमरे
ठंडे कमरे पिछले दिनों हमारे यहाँ आये एक कलाकार के रुकने के लिए ए. सी . कमरे की व्यवस्था नहीं हो पायी तो वो बहुत अधिक नाराज़ हो गए। मुझे ...
साये में धूप
साये में धूप कॉलेज की ' बक-बक ' प्रतियोगिताओं में मुझे जो किताब सबसे अधिक काम आयी वो थी -' साये में धूप ' बाद में...
माई-बाप
माई-बाप वे कवि सम्मेलनों के माई-बाप हैं। हमने गुज़ारिश की "मालिक हमको भी मौका दिलवाइये।" वो बोले "योग्यता बताओ" ह...
सुप्रभात
सुप्रभात यदि संभव हो तो दिन का आरम्भ समाचार-पत्र या समाचार चैनल के साथ मत कीजिए। कोई भी सकारात्मक कार्य सुबह-सुबह कीजिए फिर ज़रा उजाला ...