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सोमवार, अक्टूबर 06, 2014
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अपनी माटी संपादकीय : बैठारि परम समीप

अपनी माटी संपादकीय : बैठारि परम समीप  हर वर्ष की तरह इस बार का दशहरा भी बीत गया । 'पुतले जलाये जा रहें हैं रावण ज़िंदा है'...

गुरुवार, अगस्त 15, 2013
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बोल कि शब्द आज़ाद हैं तेरे

अपनी माटी - सम्पादकीय:बोल कि शब्द आज़ाद हैं तेरे " एक समय था मैं सोचता था कि लेखक के रूप में मेरा संसार बहुत बड़ा है।  रवीन्द्र, श...

सोमवार, जुलाई 15, 2013
 अपनी माटी जुलाई 2013 अंक सम्पादकीय:करिए छिमा

अपनी माटी जुलाई 2013 अंक सम्पादकीय:करिए छिमा

जुलाई-2013 अंक शिवानी जी का बचपन का फोटो  हिंदी की सुप्रसिद्ध लेखिका शिवानी जी की एक मर्मस्पर्शी कहानी है- 'करिए छि...

गुरुवार, नवंबर 01, 2012
राजनैतिक प्रतिबद्धता और साहित्य

राजनैतिक प्रतिबद्धता और साहित्य

7:00:00 am

  अपनी माटी सम्पादकीय :-3   राजनैतिक प्रतिबद्धता और साहित्य   एक बार अकबर के एक चाटुकार दरबारी ने भरे दरबार में ब...

बुधवार, अक्टूबर 24, 2012
कौन करेगा रावण का संहार ?

कौन करेगा रावण का संहार ?

7:00:00 am

अपनी माटी सम्पादकीय:-2 आज विजय दशमी है पर न जाने क्यों यह लिखने के लिए खुद को तैयार नहीं कर पा रहा हूँ कि यह असत्य पर सत्य की व...

बुधवार, अक्टूबर 17, 2012
साहित्य और समाज

साहित्य और समाज

न कुआँ मोहम्मद के पास जाता है न मोहम्मद कुएं के पास आता है। एक साहित्यकार होने के नाते समाज से जुड़ना और यह समझने की कोशिश करना कि...

 
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